रजामंदी से तलाक के लिए 6 महीने का वेटिंग पीरियड जरूरी नहीं: SC

0
11

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आपसी रजामंदी से तलाक के मामले में अगर दोनों पक्षों में समझौते की कोई गुंजाइश न बची हो तो 6 महीने के मिनिमम कूलिंग (वेटिंग) पीरियड को ट्रायल कोर्ट खत्म कर सकते हैं। बता दें कि हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत ये प्रोविजन है कि रजामंदी से तलाक के मामले में पहले मोशन और आखिरी मोशन के बीच 6 महीने का वक्त दिया जाता है ताकि समझौते की कोशिश हो सके।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

Please Enter Your Facebook App ID. Required for FB Comments. Click here for FB Comments Settings page

LEAVE A REPLY